
मंडी का भाव देखते ही ज़्यादातर लोग सबसे बड़ा आंकड़ा देखते हैं। पर वह भाव आपके माल को मिलेगा, यह ज़रूरी नहीं। बेचने से पहले ये पांच बातें देखिए।
1. औसत भाव ही असली अंदाज़ा
अधिकतम भाव सबसे अच्छे थोड़े से माल को मिला होता है। ज़्यादातर सौदे औसत (मॉडल) भाव के आसपास होते हैं। इसलिए अपना हिसाब औसत भाव से लगाइए।
2. आवक देखिए
जिस दिन आवक बहुत बढ़ जाए, भाव तुरंत गिरता है। लगातार दो-तीन दिन आवक कम हो तो भाव टिके रहने की संभावना ज़्यादा।
3. पास की दो-तीन मंडियों की तुलना करें
तीस किलोमीटर दूर की मंडी में क्विंटल पर दो सौ रुपये ज़्यादा मिल रहे हों, तो भाड़ा घटाकर भी फायदा है या नहीं, हिसाब लगाइए।
4. एक दिन नहीं, रुझान देखें
एक दिन का भाव धोखा दे सकता है। पिछले दो हफ्तों का ग्राफ देखिए, पता चलेगा भाव बढ़ रहा है या गिर रहा है।
5. छंटाई करें
अच्छा और हल्का माल मिला देने से पूरे माल को कम भाव मिलता है। थोड़ी छंटाई से भी औसत से ज़्यादा भाव मिल सकता है।
किसानियंस ऐप में ये सारे आंकड़े, तारीख के साथ, रोज़ एक जगह दिखते हैं।